4 Nov 2014

साफ-सफाई के संखनांद म फुटहा नंगाड़ा तको ठिनठिनावथाबे


                          सिरी नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनते साठ देस म एक नवापन दिखत हाबे। अइसे लागत हे जानो-मानो ढुड़गा म फेर पीका फूटत हाबे, थकहा जांगर फेर भाड़ी फोरत हाबे। कतको लोगन के नारी ल टमड़ के देखेवं, सबोच हर नवा जोस अउ जुनून म दिखत हाबे। मोदी जी के आजादी परब के भासन जेमा ओमन केहे रिहिन के तुमन 12 घंटा काम करहू त मैं 13 घंटा काम करहूं। लागथे इही बात अब जवान मनके मन म समागे, चारो मुड़ा नमो-नमो के गुन-गान होवथाबे। मोदी जी ह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती के दिन ले सरी देस ल स्वच्छता महाअभियान के संकलप दिस। परन करे ल किहिन के अवइया दिन माने 2019 म जब हमन गांधी जी के 150 वां जयंती मनाबो तब हमर भारत म गंदगी के नामो निसान नइ रिही। संकलप के असर तो सरी देस म दिखिस जिहा-जिहा भाजपा के सासन हाबे उहा छोटे-बड़े सबो कार्यकर्ता ले लेके राज के मुखिया तको ह बाहरी धर के सड़क बाहरे बर निकलगे। ओकर संगे-संग सबो सरकारी विभाग ल तको निर्देस जारी होगे के सबो ल स्वच्छता अभियान म जुरना हे अउ अपन-अपन कार्यालय के साफ-सफाई करना हाबे। जनप्रतिनिधी, अफसर, करमचारी, मास्टर सबो झिन मन जुर मिलके बाहरी धरे-धरे फोटो खिचाइस। फोटो खिचाइस ये पाके केहे बर परत हे के जिहा ओमन सफई अभियान चलईस ओ करा अभी तको कचरा बगरे हाबे। 
                      कतको अफसर मन सान से सेखियावत फोटो ल अखबार म छपाये तको रिहिसे के हमन अपन कार्यालय म स्वच्छता अभियान चलाके साफ-सफाई के संकलप ले हाबन। सरकारी विभाग म तो साफ-सफाई बर बकायदा आदेस जारी होय रिहिसे। अभियान तो अइसे होगे के चलो कोनो बोलत हे तव आदेस कर दव, फोटो खिचालव, खेल खतम, एक दिन म थोरहे कचरा साफ होही। ये एक दिन वाले मनतो अभियान के कबाड़ा करत हाबे। कुछू करथे तेकर ले जादा तो जनवाथे। मोदी जी के मंसा म कोनो संका नइये उकर अभियान एक दिन जरूर सफल होही। फेर फोटो छपास नेता अफसर के हिरदे म ये बात ल जाना चाही के जेन जगा म हम सफाई के संकलप लेवन ओ जगह हमेसा साफ होना चाही। दूसर के मन मढ़ाये वाला बुता नइ होना चाही। अपन हिरदे ले लोगन ह ये महाअभियान ले जुरे तब काम बनही। 
                अभियान के संख तो बाजगे फेर सुरू होय हाबे तेन दिन ले जिहा-जिहा के खबर सुने रेहेव के फलाना जगा स्वच्छता अभियान के आयोजन फलाना नेता डहर ले करे गे रिहिस हाबे, उहीच ठउर म गंदगी पसरे दिखत हाबे। अपन-अपन गली-मोहल्ला अउ घर ल देखन तव अपन घरेच भर साफ दिखथे उहू ह पर भरोसा। झाड़ू-फोछा के बुता करे बर बनिहार लगाये रिथन उही ल चिचिया-चिचिया के, गारी गल्ला देके अपन घर ल साफ करवाथन। घर के कचरा ल बाहिर फेकवाथन। मोटर गाड़ी म चघे-चघे खई-खजेनी अउ आने समान के कचरा ल बाहिर सड़क म फेक देथन। हमरे घर ले निकले कचरा ल गली म देख के सफाई वाला बर ताव म आ जथन। पद अउ पावर के सेती तुरते साफ करा लेथन। हांसी-ठठ्ठा तब लागथे जब सौ-सौ झिन जेकर घर साफ-सफई करे बर बनिहार हाबे ओही मन देखनी करे बर बाहरी धर के सड़क ल बहार के फोटो खिचाथे। ओकर बाद ओ जगह म नास्ता के कागत, झिल्ली, फूलमाला, दुच्छा परे पानी के बोतल। अभियान वाले मन जतका के सफई नइ करे तेकर ले जादा तो अऊ कचरा बगरा के रेंग देथे। माननीय मादी जी के सियानी सोच ले भारत एक दिन सिरतोन म स्वच्छ भारत बनही। काबर के जेकर विचार नेक रिथे अउ निसुवारथ काम करे के जेकर म जुनून रिथे ओकर संग भगवान तको देथे। भगवान अइसन मनखे के संग नइ देवे जेन मन साफ-सफई के फूटहा नंगाड़ा बजाके वाहवाही बटोरथे।


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