19 Dec 2014

लोई ल काबर टोरे रे बइरी, नार ल पुदक देते... आतंकी नेतिस सैनिक स्कूल

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छोटे-छोटे नोनी बाबू ल पढ़ लिख के चेतलग होही किके मदरसा-स्कूल म महतारी बाप मन पठोथे। चार घंटा स्कूल पठोय बर पठोथे फेर दाई-ददा के जी लगे रिथे के कोन जनी लइका कइसे होही, का करत होही। स्कूल असन ठऊर म छोटे-मोटे राई आथे फेर कोनो ल अतका अजम नइ राहे के चरचीर ले सफा पढ़इया लइका ल कोनो मार डारही। फेर का करबे जइसन सपना म घलोक नइ सोचे रेहेन तइसन पाकिस्तान के पेसावर साहर के सैनिक स्कूल म होगे। उहां सैनिक स्कूल म घुसर के आतंकी मन पढ़इया लइका मनला गोली मार-मार के ढनगा दिस। खबर पायके बाद घलोक मन नइ मानत रिहिसे अऊ भगवान सो बिनती करय के हे भगवान ये खबर ह लबारी हो जतिस।
          आज हमन पाकिस्तान के पेसावर ले केऊ कोस दुरिहा म हाबन तभो ले सैनिक स्कूल म होय आतंकी हमला म मरे 132 झिन लइका मनला सुरता करेच भर म आंखी डबडबा जथे तब सोचव तो भला उकर दाई-ददा उपर का बितत होही। टी.बी. म देखत बखत सबे लइका के परवार वाले मन इहिच गारी बखाना देवत रिहिसे के हतियारा हो नाननान लोई कस कोरा के लइका मन ल मार डरेव। तुहर बल म कीरा परत रिहिसे तव हमी मन ल मार डरे रितेव। जेकर पीरा तिही ल जनाथे तभे तो किथे न लोई ल टोर के आगू नारे ल पुदक देतेव।
ये हमला के जुमेदारी पाकिस्तान के तालिबानी संगठन ‘तहरीक-ए-तालिबान’ ले हावय। स्कूल म ये आतंकी मन 132 लइका मारे हावय, उहू लइका मन उहां के सैनिक मन के रिहिन हाबे। आतंकी मन बैर म सैनिक स्कूल म हमला करिस के इहां सैनिक के लइका मन पढ़थे। सैनिके मन के सेती हमर बुता सिद्ध नइ परे, हमर संगी मन ल मारथे तव उकरो बाल बच्चा ल मारबोन किके नेत के सैनिक स्कूल म हमला करिस। ये मन अतेक निरदई होगे के जेखर कोनो कसूर नइये तेनो मन ल मार के डनगा दिस। अइसन मनखे ल नरक म तको ठऊर नइ मिले। ओकर मनके जे होही तेन तो होबे करही फेर पाक सरकार ल तको सोचे के आए। इही आतंकी मनला तो ओमन खुदे सह देथे। सरी दुनियां जानथे के पाकिस्तान ह इही आतंकी मनके बल म गरजथे। पाकिस्तान के आधा सेना तो तालिबानी मनके हितवा-मितवा आए। पर के बल म गरजइया के आज का हाल होइसे सरी दुनिया देख तको डरिस। दुख के बेरा म कखरो बुरई करना बने बात नोहे फेर अइसन घटना ले तो चेत आना चाही के पर कुआं खनबे तेने एक दिन खुदे झपाबे।

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (20-12-2014) को "नये साल में मौसम सूफ़ी गाएगा" (चर्चा-1833)) पर भी होगी।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. चर्चा मंच में शामिल करने के लिए आभार...

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  2. खबर पायके बाद घलोक मन नइ मानत रिहिसे अऊ भगवान सो बिनती करय के हे भगवान ये खबर ह लबारी हो जतिस।

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